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30
هُنالِكَ تَبلو كُلُّ نَفسٍ ما أَسلَفَت ۚ وَرُدّوا إِلَى اللَّهِ مَولاهُمُ الحَقِّ ۖ وَضَلَّ عَنهُم ما كانوا يَفتَرونَ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

वहाँ प्रत्येक व्यक्ति अपने पहले के किए हुए कर्मों को स्वयं जाँच लेगा और वह अल्लाह, अपने वास्तविक स्वामी की ओर फिरेंगे और जो कुछ झूठ वे घड़ते रहे थे, वह सब उनसे गुम होकर रह जाएगा