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61
أَمَّن جَعَلَ الأَرضَ قَرارًا وَجَعَلَ خِلالَها أَنهارًا وَجَعَلَ لَها رَواسِيَ وَجَعَلَ بَينَ البَحرَينِ حاجِزًا ۗ أَإِلٰهٌ مَعَ اللَّهِ ۚ بَل أَكثَرُهُم لا يَعلَمونَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

भला वह कौन है जिसने ज़मीन को (लोगों के) ठहरने की जगह बनाया और उसके दरमियान जा बजा नहरें दौड़ायी और उसकी मज़बूती के वास्ते पहाड़ बनाए और (मीठे खारी) दरियाओं के दरमियान हदे फासिल बनाया तो क्या ख़ुदा के साथ कोई और माबूद भी है (हरगिज़ नहीं) बल्कि उनमें के अकसर कुछ जानते ही नहीं