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62
أَمَّن يُجيبُ المُضطَرَّ إِذا دَعاهُ وَيَكشِفُ السّوءَ وَيَجعَلُكُم خُلَفاءَ الأَرضِ ۗ أَإِلٰهٌ مَعَ اللَّهِ ۚ قَليلًا ما تَذَكَّرونَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

भला वह कौन है कि जब मुज़तर उसे पुकारे तो दुआ क़ुबूल करता है और मुसीबत को दूर करता है और तुम लोगों को ज़मीन में (अपना) नायब बनाता है तो क्या ख़ुदा के साथ कोई और माबूद है (हरगिज़ नहीं) उस पर भी तुम लोग बहुत कम नसीहत व इबरत हासिल करते हो