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63
أَمَّن يَهديكُم في ظُلُماتِ البَرِّ وَالبَحرِ وَمَن يُرسِلُ الرِّياحَ بُشرًا بَينَ يَدَي رَحمَتِهِ ۗ أَإِلٰهٌ مَعَ اللَّهِ ۚ تَعالَى اللَّهُ عَمّا يُشرِكونَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

भला वह कौन है जो तुम लोगों की ख़़ुश्की और तरी की तारिक़ियों में राह दिखाता है और कौन उसकी बाराने रहमत के आगे आगे (बारिश की) ख़ुशखबरी लेकर हवाओं को भेजता है-क्या ख़ुदा के साथ कोई और माबूद भी है (हरगिज़ नहीं) ये लोग जिन चीज़ों को ख़ुदा का शरीक ठहराते हैं ख़ुदा उससे बालातर है