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36
قُل إِنَّ رَبّي يَبسُطُ الرِّزقَ لِمَن يَشاءُ وَيَقدِرُ وَلٰكِنَّ أَكثَرَ النّاسِ لا يَعلَمونَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

(ऐ रसूल) तुम कह दो कि मेरा परवरदिगार जिसके लिए चाहता है रोज़ी कुशादा कर देता है और (जिसके लिऐ चाहता है) तंग करता है मगर बहुतेरे लोग नहीं जानते हैं