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11
سَيَقولُ لَكَ المُخَلَّفونَ مِنَ الأَعرابِ شَغَلَتنا أَموالُنا وَأَهلونا فَاستَغفِر لَنا ۚ يَقولونَ بِأَلسِنَتِهِم ما لَيسَ في قُلوبِهِم ۚ قُل فَمَن يَملِكُ لَكُم مِنَ اللَّهِ شَيئًا إِن أَرادَ بِكُم ضَرًّا أَو أَرادَ بِكُم نَفعًا ۚ بَل كانَ اللَّهُ بِما تَعمَلونَ خَبيرًا

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

जो गंवार देहाती (हुदैबिया से) पीछे रह गए अब वह तुमसे कहेंगे कि हमको हमारे माल और लड़के वालों ने रोक रखा तो आप हमारे वास्ते (ख़ुदा से) मग़फिरत की दुआ माँगें ये लोग अपनी ज़बान से ऐसी बातें कहते हैं जो उनके दिल में नहीं (ऐ रसूल) तुम कह दो कि अगर ख़ुदा तुम लोगों को नुक़सान पहुँचाना चाहे या तुम्हें फायदा पहुँचाने का इरादा करे तो ख़ुदा के मुक़ाबले में तुम्हारे लिए किसका बस चल सकता है बल्कि जो कुछ तुम करते हो ख़ुदा उससे ख़ूब वाक़िफ है