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12
بَل ظَنَنتُم أَن لَن يَنقَلِبَ الرَّسولُ وَالمُؤمِنونَ إِلىٰ أَهليهِم أَبَدًا وَزُيِّنَ ذٰلِكَ في قُلوبِكُم وَظَنَنتُم ظَنَّ السَّوءِ وَكُنتُم قَومًا بورًا

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

(ये फ़क़त तुम्हारे हीले हैं) बात ये है कि तुम ये समझे बैठे थे कि रसूल और मोमिनीन हरगिज़ कभी अपने लड़के वालों में पलट कर आने ही के नहीं (और सब मार डाले जाएँगे) और यही बात तुम्हारे दिलों में भी खप गयी थी और इसी वजह से, तुम तरह तरह की बदगुमानियाँ करने लगे थे और (आख़िरकार) तुम लोग आप बरबाद हुए