You are here: Home » Chapter 59 » Verse 4 » Translation
← Sura 59 →
← Aya 4 →
4
ذٰلِكَ بِأَنَّهُم شاقُّوا اللَّهَ وَرَسولَهُ ۖ وَمَن يُشاقِّ اللَّهَ فَإِنَّ اللَّهَ شَديدُ العِقابِ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

यह इसलिए कि उन्होंने अल्लाह और उसके रसूल का मुक़ाला करने की कोशिश की। और जो कोई अल्लाह का मुक़ाबला करता है तो निश्चय ही अल्लाह की यातना बहुत कठोर है