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5
ما قَطَعتُم مِن لينَةٍ أَو تَرَكتُموها قائِمَةً عَلىٰ أُصولِها فَبِإِذنِ اللَّهِ وَلِيُخزِيَ الفاسِقينَ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

तुमने खजूर के जो वृक्ष काटे या उन्हें उनकी जड़ों पर खड़ा छोड़ दिया तो यह अल्लाह ही की अनुज्ञा से हुआ (ताकि ईमानवालों के लिए आसानी पैदा करे) और इसलिए कि वह अवज्ञाकारियों को रुसवा करे